एसईओ क्या है? (What is SEO), जाने पूरी New जानकारी (2024) की

एसईओ क्या है? (What is SEO), जाने पूरी New जानकारी (2024) की

एसईओ आज की डिजिटल दुनिया में हर व्यापारी के व्यापार को बढ़ाने के लिए एक जरूरतमंद साधन बनता जा रहा है। इन्ही चर्चाओं के चलते आप सभी ने कही न कही तो एसईओ (SEO) के बारे में सुना तो होगा ओर तभी आपके मन मे एक सवाल भी आया होगा कि आख़िरकार ये एसईओ (What is SEO) क्या है? इसके क्या फायदे हैं? इससे क्या होता है? तो दोस्तों ज्यादा न सोचें हम आपको इस ब्लॉग के माध्यम से आपको एसईओ की पूरी जानकारी देने की कोशिश करेंगे। तो चलिए जानते हैं कि :

आख़िरकार ये एसईओ क्या है (What is SEO)?

किसी भी बेसाइट या वेबपेज को हम गूगल के सर्च इंजन रिजल्ट पेज ( SERP) पर रैकिंग में लाने के लिये जो भी ऑन पेज, ऑफ पेज और टेक्निकल गतिविधियां करते है, उसे एसईओ (SEO) कहते हैं।

मूल शब्दों में एसईओ क्या है (What is SEO in basic terms?)

बुनियादी शब्दों में, एसईओ आपकी वेबसाइट को उन खोज इंजनों और उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक दृश्यमान बनाने के बारे में है जो प्रासंगिक जानकारी या उत्पादों की तलाश में हैं। एसईओ सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करके, आप खोज इंजन परिणाम पृष्ठों पर अपनी साइट की रैंकिंग में सुधार कर सकते हैं और अधिक जैविक ट्रैफ़िक ला सकते हैं।

एसईओ की फुल फॉर्म क्या है? (SEO Full Form)

एसईओ (SEO) की फुल फॉर्म सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन ( Search Engine Optimization ) होती है। अथार्त किसी भी वेबसाइट या वेबपेज को सर्च इंजन जैसे कि गूगल, याहू, या फिर बिंग में रैंकिंग लाने के लिए लगातार अनुकूलित (Optimization) करना ही इसका मुख्य कार्य होता है।

एसईओ के प्रकार (Types Of SEO)

क्या आप जानते हैं कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) कितने प्रकार के होते हैं?

जैसा कि कुछ लोग भ्रम में रहते है तो कुछ लोगो को पता ही नहीं होता कि एसईओ कितने प्रकार के होते हैं? दोस्तो भ्रमित न हो हम आपको बता दे कि किसी भी वेबसाइट या फिर वेबपेज को रैंकिंग में लाने के लिए तीन प्रकार के एसईओ किये जाते हैं:

  • ऑन-पेज एसईओ (On Page SEO): जब हम अपनी ही वेबसाइट या किसी भी वेबपेज में सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर रैंक करवाने के लिए जो भी कुछ लगातार बदलाव (जैसे की मेटा टाइटल, मेटा डिस्क्रिप्शन, मेटा टेग, ऑल्ट टेग लगाकर इमेज को ऑप्टिमाइज करना, यूआरएल संरचना, आंतरिक लिंक ओर भी कुछ अन्य) करते है, उसे ही ऑन-पेज एसईओ (On Page SEO) कहते हैं।
  • टेक्निकल एसईओ (Technical SEO): यह गतिविधि एक तकनीकी गतिविधि है। इस गतिविधि के मध्यम से हम किसी भी वेबसाइट या वेबपेज को  गूगल सर्च कंसोल की मदद से क्रोल करवाकर फिर उसे इंडेक्स करवाकर अन्ततः गूगल के सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर लाते हैं। इस तकनीकी गतिविधि के अंतर्गत ओर भी कुछ अन्य गतिविधि (जैसे कि पेज स्पीड, यूआरएल संरचना, साइट मेप, स्कीमा मार्कअप, इत्यादि) शामिल हैं।
  • ऑफ पेज एसईओ (Off Page SEO): जब हम अपनी वेबसाइट या किसी भी वेबपेज को रैंकिंग में लाने के लिए किसी भी अन्य प्रासंगिक वेबसाइट पर कुछ अलग अलग गतिविधियां (जैसे कि बुकमार्किंग, क्लासिफाइड, गेस्ट पोस्ट, आर्टीकल पोस्ट, ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया पोस्ट, इमेज अपलोडिंग, डायरेक्टरी, फोरम सब्मिशन, बिज़नेस लिस्टिंग इत्यादि) करते हैं, उसे ही ऑफ पेज एसईओ (Off Page SEO) कहते हैं।

एसईओ की तकनीकें क्या है?

कुछ लोग इन बातो को लेकर भृमित रहते है की आख़िरकार  एसईओ की तकनीकें कितने प्रकार की होती है? तो चलिए जानते है की एसईओ की तीन प्रकार की तकनीके होती है, जिन्हे हम बारी बारी से जानेंगे:

  • व्हाइट हैट एसईओ (White Hat SEO): व्हाइट हैट एसईओ गूगल के नियम और शर्तें के अधीन किया जाता है। और यह गूगल के सभी दिशा-निर्देश का पालन करता है। जिसकी वजह से वेबसाइट की पेज रेटिंग, डोमेन प्राधिकारी और ट्रैफ़िक में बढ़ोतरी होती है। इसी के अंतर्गत Search Engine Optimization की तीन प्रकार की गतिविधिया शमिल है जैसे  की ऑन पेज, ऑफ पेज और तकनीकी एसईओ।
  • ब्लैक हैट एसईओ (Black Hat SEO): ब्लैक हैट एसईओ गूगल के नियम और शर्तें के अधीन बिलकुल भी नहीं होता है। और यह गूगल के सभी दिशा-निर्देश का पालन भी नहीं करता है। जिसकी वजह से वेबसाइट की पेज रेटिंग, डोमेन प्राधिकारी और ट्रैफ़िक में घटोती होती है। इसके अंतर्गत कुछ प्रकार की गतिविधिया जैसे  की लिंक स्पैम, छिपे हुए लिंक, क्लोकिंग, कीवर्ड की भराई, और छिपा हुआ पाठ शमिल है।
  • ग्रे हैट एसईओ (Gray Hat SEO): ग्रे हैट एसईओ बिलकुल व्हाइट हैट एसईओ और ब्लैक हैट एसईओ का मिश्रण है। इसके अंतर्गत गूगल के सभी दिशा-निर्देश का पालन करते हुए  कुछ गतिविधिया की जाती है, जो गूगल के नियम और शर्तें उलंघन नहीं करती है।

अब हम बात करेंगे कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन कैसे काम करता है (How it works)?

उपरोक्त विचारो के माध्यम से हमने जाना की एसईओ क्या है ?( What is SEO after all?) और अब हम जानेंगे कि आख़िरकार एसईओ कैसे काम करता है इसके फायदे होते है, तो दोस्तो किसी भी वेबसाइट या किसी भी वेबपेज को रैंकिंग में लाने के लिए सबसे पहले हम उसे अच्छी तरह से अनुकूलित (Optimize) करते है। फिर उसके बाद उसे क्रोल और इंडेक्स करवाते हैं।

अन्ततः हम फिर उस वेबसाइट की अथॉरिटी और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए अलग अलग ऑफ साइट गतिविधिया करते हैं।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के फायदे

दोस्तो अब हम समझेंगे की एसईओ करने से हमे क्या फायदा होता है:

  1. डोमेन अथॉरिटी में बढ़ोतरी: जब हम ऑफ पेज गतिविधि करते हैं और उससे हमे डू फॉलो बैकलिंक प्राप्त होता है तो उससे हमारी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी में बढ़ोतरी होती है।
  2. पहले पेज पर रैंकिंग: सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की मदद से हम अपनी वेबसाइट या वेबपेज को पहले नम्बर पर ला सकते हैं।
  3. ऑर्गेनिक ट्रैफिक: हम एसईओ की सहायता से अपनी वेबसाइट पर काफी ज्यादा ऑर्गेनिक ट्रैफिक ला सकते हैं।
  4. ऑनलाइन इनकम: हम इसकी मदद से ऑर्गेनिक ट्रैफिक लाकर ऑनलाइन इनकम भी प्राप्त कर सकते हैं।
  5. पेज परफॉर्मेंस में बढ़ोतरी: यह हमारी वेबसाइट की पेज परफॉर्मेंस को बढ़ाने में भी सहायता करता है।

डिजिटल मार्केटिंग में एसईओ क्या है?

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में, एसईओ आपकी वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक लाने और आपकी ऑनलाइन दृश्यता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रभावी एसईओ रणनीतियों को लागू करके, आप अधिक संभावित ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं, ब्रांड जागरूकता बढ़ा सकते हैं और रूपांतरण बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष:

आशा है की आपके सभी प्रश्नो का उत्तर इस ब्लॉग को पढ़कर मिल गया होगा। और आपके एसईओ (Search Engine Optimization) से संबंधित सभी भ्रम दूर हो गए होंगे। इसके आलावा आपके मन में कोई और प्रश्न है तो हमसे तुरंत सम्पर्क करे (Contact us)। हम आपके आपके सभी प्रश्नो का जवाब  सही जानकारी के साथ देने का प्रयास करेंगे। इसके आलावा आप हमे हमारे सोशल मीडिया AkgTechInfo Facebook Page खाते के माध्यम से जुड़कर भी संपर्क कर सकते है।

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