What is Social Bookmarking in SEO in Hindi? Find Out in 2024

What is Social Bookmarking in SEO in Hindi Find Out in 2024

प्रिय मित्रजनों आज हम इस आर्टीकल के माध्यम से हिंदी में एसईओ में सोशल बुकमार्किंग क्या है (What is Social Bookmarking in SEO in Hindi) ये समझेंगे । जैसा कि सोशल बुकमार्किंग को लेकर बहुत से लोगों के मन में बहुत सारे संदेह होते हैं कि में सोशल बुकमार्किंग क्या है, इससे वेबसाइट को कैसे फायदा होता है, और इसका इस्तेमाल करके कीवर्ड्स को कैसे रैंकिंग में लाया जाता है।

कुछ लोगों का ये भी सोचना हैं कि अगर हम सोशल बुकमार्किंग करेंगे तो क्या हमारी वेबसाइट को कोई नुकसान तो नही होगा। दोस्तों हम आपके इन सभी सन्देह को इस आर्टीकल के माध्यम से दूर करने का प्रयास करेंगे तो कृपया इस आर्टीकल को पूरा पढ़े, तो चलिये जानते हैं सोशल बूकमार्किंग के बारे में पूरी जानकारी।

जाने हिंदी में एसईओ में सोशल बुकमार्किंग क्या है? (What is Social Bookmarking in SEO in Hindi)

सोशल बूकमार्किंग (Social Bookmarking): सोशल बूकमार्किंग ऑफ पेज एसईओ में की जाने वाली एक गतिविधि है, और इसकी सहायता से किसी भी वेबसाइट या फिर वेबपेज के यूआरएल को लक्ष्य (Target) करके सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर रैंकिंग में लाया जा सकता है। अथार्थ यह एक ऐसा तरीका है, जिसकी मदद से आप अपने वेबसाइट के किसी भी कीवर्ड्स को लक्षित करके एसईरपी में अच्छा पद प्राप्त कर सकते है। और अपनी वेबसाइट को उच्तम बुलंदियों पर ले जाया जा सकता है।

इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्यादातर जितनी भी सोशल बूकमार्किंग वेबसाइट होती है, उनके सब्मिशन फॉर्म में सबसे पहले यूआरएल डालने के लिए आता है। और जब यूआरएल डाल दिया जाता है, तो शीर्षक (Title), विवरण (Description), टैग (Tags) के विकल्प नये वेबपेज पर खुल कर सामने आ जाते हैं। अंततः इन सभी विकल्प को भरकर जमा कर दिया जाता है।

एसईओ में सोशल बुकमार्किंग क्यों महत्वपूर्ण है?

जैसा कि बहुत से लोग ये सोचते हैं कि सोशल बूकमार्किंग वेबसाइट को रैंकिंग में लाने के लिए आख़िरकार ये इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? हम आपको बता दें कि सोशल बूकमार्किंग ऑफ पेज एसईओ की सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक महत्वपूर्ण गतिविधि मानी जाती है, जो किसी भी वेबसाइट या वेबपेज को सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर रैंकिंग में लाने के लिए बैकलिंक के रूप में सहायता करती है।

अथार्त इस गतिविधि के माध्यम से किसी भी वेबसाइट या वेबपेज के फोकस कीवर्ड् को लक्ष्य (Target) करके सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर रैंकिंग में लाने का प्रयास किया जाता हैं। और इस ऑफ पेज की मुख्य गतिविधि से जब डू फॉलो बैकलिंक प्राप्त होता है, तो वेबसाइट के डोमेन प्राधिकरण में भी बढ़ोतरी होती हैं।

अगर आप भी इस गतिविधि का उपयोग करना चाहते है, तो आपको इस गतिविधि की पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी। अन्यथा आप अधूरी जानकारी में इस गतिविधि का उपयोग करने का प्रयास करेंगे, यकीनन आप कुछ ऐसी गलतियां कर देंगे जिससे आपकी वेबसाइट को हानि हो सकती हैं।

सोशल बुकमार्किंग ऑफ-पेज एसईओ के लिए उपयोगी है (Social Bookmarking is Useful For Off-Page SEO)

कुछ लोगो के मन मे यह मंशा बनी रहती है कि क्या सोशल बुकमार्किंग ऑफ-पेज एसईओ के लिए उपयोगी है? हम आपको बता दें कि जी हाँ यह बिल्कुल शतप्रतिशत सच है। इसमे कोई शक नही है, क्योंकि बुकमार्किंग ऑफ-पेज एसईओ की सभी गतिविधियों में से एक मुख्य गतिविधि मानी गई है।

यह गतिविधि ऑफ-पेज एसईओ के अंदर काफी अहम भूमिका निभाती हैं। और तो और यह गतिविधि वेबसाइट के डोमेन प्राधिकरण को बढ़ाने में सहायता भी करती है।

जाने कि एसईओ में सामाजिक बुकमार्किंग कैसे करें?

क्या आप खुद अपने वेबसाइट के लिए एसईओ (SEO) में सामाजिक बुकमार्किंग करने का विचार बना रहे हैं, तो चिंता न करे हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे कि आप कैसे एसईओ में सामाजिक बुकमार्किंग करके अपनी वेबसाइट पर बैकलिंक प्राप्त कर सकते है, तो चलिए जानते हैं।

सबसे पहले आपको किसी भी सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट को अपने लैपटॉप या कम्प्यूटर के क्रोम ब्राउज़र में खोलना है, फिर उसके बाद आपको साइनअप (Sign Up) बटन के ऊपर माउस से क्लिक करना है। आपके सामने एक नया खता बनाने के लिए एक फॉर्म खुल जायेगा। उसके अंदर आपको वो सारी जरूरतमंद जानकारी भरनी है, जैसे कि नाम, अंतिम नाम, यूजर नाम, ईमेल आईडी और पासवर्ड इत्यादि जो भी मांगी गई हो।

अंततः पूरी भरी गई जानकारी को जांचकर आपको नीचे दिए हुए साइनअप (Sign Up) को माउस से दबाना है, इसके बाद आपके जीमेल खाते पर एक सत्यापन ईमेल आएगा, इसमे आपके लिए एक सत्यापन लिंक दिया होगा इस लिंक को आपको क्लिक करके अपना खाता सत्यापित करना होगा और तब आपका एक सोशल बुकमार्किंग का नया खाता खुल जायेगा।

फिर आपको ऊपर या कही ओर दिए गए सबमिट बटन पर क्लिक करना है, उसके बाद आपके सामने एक नया वेबपेज यूआरएल डालने के लिए खुलकर आएगा। इसमे आपको हमेशा वह यूआरएल डालना है जिसकी आपको सोशल बुकमार्किंग करनी है।

यूआरएल डालने के बाद आपके सामने कुछ ओर अन्य जानकारी भरने के लिए फॉर्म आ जायेगा। इसमे आपको सभी जरूरतमंद जानकारी भरनी है, और फिर नीचे दिए गए सबमिट बटन पर क्लिक कर देना है।

अन्ततः आपको एक बैकलिंक प्राप्त होगा। याद रहे कि हर सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट का एंटरफेस (Interface) एक जैसा नही होता है, तो इसलिए घबराना मत। लेकिन सबमिट फॉर्म लगभग एक जैसा ही होता है।

सोशल बुकमार्किंग कैसे काम करता है? (How Does Social Bookmarking Work?)

जब हम अपनी वेबसाइट के किसी भी यूआरएल को सोशल बुकमार्किंग की वेबसाइट में सबमिट करते है, तो हमे एक यूआरएल प्राप्त होता है, जिसे बैकलिंक कहते है।

इसी प्रकार हम जितनी भी अधिक से अधिक सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट पर इस यूआरएल को सबमिट करते जाएंगे । उतना ही इस यूआरएल की प्रासंगिकता बढ़ती जाती है। और फिर इस यूआरएल को रैंकिंग में लाने में सहायता मिलती जाती हैं।

सोशल बुकमार्किंग का उपयोग क्यों करें? (Why Use Social Bookmarking?)

बहुत से लोगो का सोचना है कि आखिरकार हम सोशल बुकमार्किंग का उपयोग क्यों करें? हम आपको बताएंगे कि सोशल बुकमार्किंग का उपयोग इसलिए करना चाहिए क्योंकि इससे हमारी वेबसाइट या वेबपेज को सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर रैंक करने में सहायता मिलती है।

और तो और हमारे वेबसाइट के डोमेन प्राधिकरण में बढ़ोतरी करने में भी सहायता मिलती है। इसलिए सभी को अपनी वेबसाइट पर रैंकिंग लाने और डोमेन प्राधिकरण में बढ़ोतरी लाने के लिए सोशल बुकमार्किंग का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा हमे इससे हमारी वेबसाइट पर ट्रैफिक भी प्राप्त होता है।

सोशल बुकमार्किंग के फायदे और नुकसान क्या हैं? (What are The Social Bookmarking Advantages and Disadvantages?)

इस संसार में हर चीज के अपने फायदे और नुकसान होते हैं तो वहीं सोशल बुकमार्किंग के भी कुछ फायदे और नुकसान है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि किसी भी चीज क्या बिना पूरी जानकारी के गलत तरीके से उपयोग करना नुकसानदायक ही होता है।

इसी प्रकार हमने भी इसके कुछ फायदे और नुकसान की व्याख्या की है जो निम्नलिखित है:

सोशल बुकमार्किंग के कुछ फायदे:
  1. वेबसाइट के फोकस कीवर्ड्स की रैंकिंग में बढ़ोतरी: सोशल बुकमार्किंग का उपयोग करने से वेबसाइट के फोकस कीवर्ड्स की रैंकिंग में बढ़ोतरी होती हैं।
  2. वेबसाइट को डु फॉलो बैकलिंक की प्राप्ति: सोशल बुकमार्किंग का उपयोग करने से वेबसाइट को डु फॉलो बैकलिंक की भी प्राप्ति होती है, जिससे डोमेन प्राधिकरण की बढ़ोतरी में फायदा होता है।
  3. डोमेन प्राधिकरण में बढ़ोतरी: इस सोशल बुकमार्किंग गतिविधि का उपयोग करने से हमे हमारी वेबसाइट की डोमेन प्राधिकरण में बढ़ोतरी का भी फायदा होता है।
  4. ऑर्गेनिक ट्रैफिक में बढ़ोतरी: इस गतिविधि के माध्यम से हमे जो सर्च इंजन रिज़ल्ट् पेज पर दृश्य बैकलिंक प्राप्त होता है, उससे हमारी वेबसाइट में ऑर्गेनिक ट्रैफिक में बढ़ोतरी होती हैं।
  5. उच्च गुणवत्ता बैकलिंक की प्राप्ति: वह सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट जिनका डोमेन प्राधिकरण उच्च होता है, उनसे हमारी वेबसाइट को उच्च गुणवत्ता बैकलिंक की प्राप्ति होती हैं।
सोशल बुकमार्किंग के कुछ नुकसान:
  1. टॉक्सिक बैकलिंक: जब हम बिना जाने किसी भी सोशल बुकमार्किंग वेबसाइट पर बैकलिंक बना देते हैं तो उससे हमारी वेबसाइट को भारी नुकसान हो सकता है जैसे कि हमारे डोमेन प्राधिकरण में घटोती या ट्रैफिक में घटोती हो सकती है।
  2. बैकलिंक से स्पेमिंग: अगर हम गलत तरीके से बैकलिंक बना देते है और अपनी वेबसाइट का स्पैमिंग स्कोर बड़ा देते है, तो हमारी वेबसाइट पर पेनल्टी भी लग सकती है।
  3. फर्जी बैकलिंक बनाना: जब हम फर्जी बैकलिंक बना देते हैं तो वेबसाइट की रैंकिंग नीचे गिरने की संभावना बन जाती हैं। इसलिए हमे फर्जी बैकलिंक नहीं बनाने चाहिए।
  4. वेबसाइट के ट्रैफिक में घटोती: कभी कभी हम अनजाने में फर्जी बैकलिंक बना देते हैं या फिर गलत वेबसाइट पर बैकलिंक बना देते हैं, जिसकी वजह से वेबसाइट का ट्रैफिक नीचे गिरने लगता है।
  5. वेबसाइट के कीवर्ड्स रैंकिंग में घटोती: जब हम एसईओ के नियमों का उललंघन करके सोशल बुकमार्किंग वेबसाइटो पर बैकलिंक बनाते है, तो हमारे वेबसाइट के कीवर्ड्स के रैंकिंग निचे आने लगती हैं।

निष्कर्ष: आख़िरकार सोशल बुकमार्किंग ऑफ पेज एसईओ के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?, इसकी क्या भूमिका है? यह अर्टिकल पड़कर आपको समझ आ गया होगा। आशा है कि आपको यह आर्टिकल पसन्द भी आया होगा और इसमें सभी दी गई जानकारी भी आपको अच्छी लगी होगी।

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